अमेरिका में गवर्नर करेंगे लॉकडाउन हटाने का फैसला

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस से प्रभावित देश की अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने की नई चरणबद्ध योजना गुरुवार को पेश करते हुए गवर्नरों को अपने-अपने राज्यों में पाबंदियों को हटाने पर फैसला लेने की अनुमति दी। अभी अमेरिका की 95 फीसदी से अधिक आबादी अपने घरों में बंद है और 2.2 करोड़ से अधिक अमेरिकियों ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन दिया है। ट्रंप ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि उनका प्रशासन नए संघीय दिशा निर्देश जारी कर रहा है जिससे गवर्नर अपने-अपने राज्यों को फिर से खोलने पर चरणबद्ध तरीके से फैसला ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि आर्थिक दबाव के बीच लंबे समय तक लॉकडाउन से जन स्वास्थ्य पर बहुत गहरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर जमीनी परिस्थितियां ठीक रहीं तो स्वस्थ अमेरिकी काम पर लौट सकेंगे। राष्ट्रपति ने कहा- पूरी तरह बंद करने के बजाय हम उच्च जोखिम वाले लोगों को अलग करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। ट्रंप ने कहा- अगर वायरस लौटता है जैसा कि कुछ वैज्ञानिकों का मानना है तो इन दिशा निर्देशों से यह सुनिश्चित होगा कि देश चलता रहे ताकि हम जल्दी इससे बाहर आ सकें। ये दिशा निर्देश सरकार के शीर्ष चिकित्सा विशेषज्ञों ने बनाए हैं… Continue reading अमेरिका में गवर्नर करेंगे लॉकडाउन हटाने का फैसला

राज्यपालों के साथ अशिष्टता

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के बर्ताव में संवैधानिक मर्यादा और आत्म-स्वातंत्र्य का अद्भुत समागम हुआ है। राज्यपाल के नाते उन्होंने विधानसभा में वही भाषण पढ़ दिया, जो मुख्यमंत्री ने उन्हें लिखकर भिजवाया था लेकिन उन्होंने साथ-साथ यह भी कह दिया कि वे इसे पढ़ तो रहे हैं लेकिन इस की बात से वे सहमत नहीं हैं। क्या बात है, जिससे वे सहमत नहीं है ? वह है नागरिकता संशोधन कानून और नागरिकता रजिस्टर का विरोध ! केरल की कम्युनिस्ट सरकार तथा विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने संसद द्वारा पारित इस कानून के विरोध में मोर्चा खोल रखा है। केरल विधानसभा ने इस कानून के विरोध में प्रस्ताव तो पारित किया ही है, सर्वोच्च न्यायालय में एक मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। इस मुकदमे की औपचारिक अनुमति तो राज्यपाल से क्या ली जाती, राज्य सरकार ने उनको सूचित तक नहीं किया। इसके अलावा उनके विरुद्ध इतिहास-कांग्रेस के अधिवेशन में भी अशिष्टता की गई। केरल के राजभवन के सामने कई प्रदर्शन किए गए लेकिन राज्यपाल ने उनकी निंदा करने की बजाय उन्हें चाय पर निमंत्रित करके बात करने की इच्छा भी प्रकट की। आरिफ खान साधारण राजनेता नहीं हैं। वे अत्यंत विचारशील, सुपठित और साहसी राजनेता हैं। शाह बानो… Continue reading राज्यपालों के साथ अशिष्टता

राज्यपाल की विवादित भूमिका

सियासी स्तर पर देखें तो नागरिकता संशोधन कानून विरोधी आंदोलन का प्रमुख केरल बना हुआ है। राज्य की वाम मोर्चा सरकार ने पहली ऐसी राज्य सरकार बनी, जिसने विधान सभा में इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास कराया। वो पहली सरकार बनी, जो इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची। अब केरल विधान सभा पहला सदन बना है, जहां इस मुद्दे पर राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच टकराव हुआ। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सदन में वाम सरकार का अपना नीतिगत अभिभाषण देते हुए राज्य विधानसभा द्वारा पारित संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) विरोधी प्रस्ताव के संदर्भों को पढ़ा। जबकि पहले उन्होंने कहा था कि वो इस हिस्से को नहीं पढ़ेंगे। जब वे अभिभाषण पढ़ने आ रहे थे, तो उस दौरान केरल में विपक्षी दल कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ विधायकों ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का रास्ता रोका। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए तथा बैनर दिखाए। विधानसभा से पारित प्रस्ताव और कानून के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने के कदम को लेकर राज्य सरकार के साथ टकराव रखने वाले खान ने कहा कि हालांकि उनकी इस विषय पर ‘आपत्तियां और असहमति’ है, लेकिन मुख्यमंत्री की इच्छा का ‘सम्मान’ करते हुए वे… Continue reading राज्यपाल की विवादित भूमिका

राज्यपालों का विपक्षी सरकारों से टकराना

राज्यों में राजनीतिक व्यक्तियों को राज्याल नियुक्त करने की परंपरा पुरानी है। जब तक केंद्र और ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस की सरकार होती थी तब राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों में टकराव नहीं होता था।

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