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महादशा में दीया कैसे जीतेगा?

जो लोग योगी आदित्यनाथ और अरविंद केजरीवाल की आंधी से फूले नहीं समा रहे हैं वे नोट रखें कि इन नतीजों से अहंकार की राजनीति को नए पंख लगे हैं।

कांग्रेस की तैयारियां धरी रह गईं

कांग्रेस पार्टी ने इस बार तीन राज्यों- उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के लिए बड़ी तैयारी की थी।

राहुल, प्रियंका ने दी सफाई

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के बुरी तरह से हारने के बाद पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सफाई दी है।

चुनाव नतीजे जो बताएंगे

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में मतदान का आखिरी चरण पूरा होने के बाद स्वाभाविक रूप से अब सबकी निगाहें चुनाव परिणाम की तरफ टिक गई हैँ।

बिना लहर वाले चुनाव को समझना

हर पार्टी कह रही है कि उसके पक्ष में अंडर करंट है।.. ऐसे चुनाव को भी जिसमें कोई लहर नहीं होती है, समझा जा सकता है।

प्रियंका के प्रचार का बदला सुर

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने चौथे चरण के चुनाव के बाद प्रचार का तरीका, सुर और कंटेंट सब बदल दिया है।

इस बार कांग्रेस की पहले से तैयारी

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों से पहले कांग्रेस पार्टी इस बार जैसी तैयारी कर रही है अगर पांच साल पहले ऐसी तैयारी की होती तो दो राज्यों में कांग्रेस की सरकार बन जाती।

दस मार्च को जिन बातों पर नज़र होगी

दस मार्च को आने वाले चुनाव परिणाम में यह एक अहम पहलू होगा कि क्या एंटी इन्कम्बैंसी (यानी सत्ता में होने की वजह से होने वाला नुकसान) का असर इस बार भाजपा पर होता है?

विरोधी वोट वोकल होता है

क्या सचमुच उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति उतनी खराब है, जितनी सोशल मीडिया में और लोगों की आपसी चर्चाओं में दिख रही है?

हिंदू वोटों का नया, अजब मामला!

नरेंद्र मोदी, अमित शाह और भाजपा की चुनावी रणनीति को एक नया संकट है। उसके हिंदू वोट काटने की विपक्ष राजनीति गोवा, यूपी, उत्तराखंड हर जगह भाजपा का संकट है।

मोदी के आगे जीतना फिर भी मुश्किल!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब नहीं है। अरसे बाद नौ फरवरी को मैंने नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू देखा। मैंने सन् 2014 के लोकसभा चुनाव में उनका पहला इंटरव्यू किया था।

आप को रोकना भाजपा की प्राथमिकता!

पांच राज्यों के चुनावों से पहले जितने भी चुनाव पूर्व सर्वेक्षण हुए हैं, उनमें से ज्यादातर में पंजाब में आम आदमी पार्टी की बढ़त का अनुमान लगाया गया है या आप और कांग्रेस में कांटे का मुकाबला बताया गया ह

इन चुनावों का दूरगामी अर्थ

देश के पांच राज्यों में मतदान की शुरुआत हो गई है। इस बार लगभग सभी पार्टियों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए बड़ी-बड़ी चूसनियां लटका दी हैं। फर्क इतना ही है कि इस बार ये चूसनियां बहुत देर से लटकाई गई हैं।

खुले मैदान में सभा करने की मंजूरी

चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के लिए रैलियों में कुछ और छूट देने का ऐलान किया है।

एक हजार लोगों की रैली हो सकेगी

वैसे तो चुनाव आयोग ने चुनावी रैलियों और रोड शो पर लगी पाबंदियों को 11 फरवरी तक बढ़ाने का ऐलान किया है लेकिन साथ ही उसने राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को बड़ी छूट भी दे दी है।

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