चाय से भी ज़्यादा गर्म केतलियों का युग
एक असम को छोड़ कर विधानसभा के इन चुनावों में कहीं और भाजपा के लिए कहीं भी मद्धम-सी भी लौ टिमटिमाती हुई अगर किसी को दिखाई दे रही हो तो मैं उस की परम आशावादिता को अभिनंदनीय मानता हूं।… इसलिए पांच राज्यों के मतदान तक भाजपा के चेहरे से टपकते नूर को देखते रहिए और असली नतीजों का इंतज़ार कीजिए। जैसा कि हर चुनाव के पहले होता है, भारतीय जनता पार्टी, उस का समूचा पर्यावास तंत्र और उस का समर्थक-समर्थित मीडिया शुरू से ही यह माहौल बनाने लगता है कि हर जगह भाजपा भारी बहुमत से जीत रही है और...