भाजपाः लोकतंत्र की चिंता ?

कुछ मुट्ठीभर चतुर-चालाक लोगों ने अपने अल्पसंख्यक होने का फायदा जरुर उठाया लेकिन ज्यादातर मुसलमानों की आर्थिक, शैक्षणिक और जातीय हैसियत आज भी ज्यों की त्यों बनी हुई है।

विपक्ष बनवा रहा है एकक्षत्रपता

क्या कोई सरकार या सत्तारूढ़ पार्टी भारत जैसे बहुदलीय लोकतंत्र में विपक्ष को खत्म कर सकती है? यह एक बेहूदासवाल है।

जनता आगे, पार्टियां पीछे

इस अनुभव के आधार पर यह साफ कहा जा सकता है कि जनता के रोजमर्रा के संघर्षों से राजनीतिक दलों का अब कोई नाता नहीं बचा है।

प्रतिरोध के बिना कैसा लोकतंत्र!

असहमति और प्रतिरोध, ये दो चीजें लोकतंत्र की बुनियादी पहचान और केंद्रीय व मूलभूत विशेषताएं हैं। इनके बिना लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती है।

अभिव्यक्ति पर चौतरफा खतरा

लोकतंत्र को कमजोर करने या खत्म कर देने के वैसे तो कई तरीके हैं लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से इसे कमजोर करना अब तक सबसे प्रभावी साबित हुआ है।

‘परिवारवादी’ पार्टियां लोकतंत्र के लिए खतरा नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से दिए एक भाषण में ‘परिवारवादी’ पार्टियों पर हमला करते हुए कहा

लोकतंत्र की रेटिंग और विदेश मंत्रालय की सफाई

दुनिया की संस्थाओं ने भारत में लोकतंत्र की रेटिंग घटाई है तो विदेश मंत्रालय ने उसकी सफाई में ऐसी लचर सफाई दी है, जिसे देख कर हैरानी हो रही है।

‘आतंकवादियों’ का लोकतंत्र!

सपा अकेली पार्टी नहीं है, जिसे प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी के नेता आतंकवादियों का सरपरस्त मानते हैं।

भारत का लोकतंत्र सबल कैसे हो?

दुनिया के किन-किन देशों में कैसा-कैसा लोकतंत्र है, इसका सर्वेक्षण हर साल ब्लूमबर्ग नामक संस्था करती है। इस साल का उसका आकलन है कि दुनिया के 167 देशों में से सिर्फ 21 देशों को आप लोकतांत्रिक कह सकते है

लोकतंत्र की मंडी में सब कुछ बिकाऊ!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार बड़े गर्व से बताया था कि वे गुजराती हैं और उनकी नस नस में बिजनेस है। सो, अब देश में हर चीज बिजनेस है।

लोकतंत्र को कलंकित करने वाला वर्ष….?

भारत की राजधानी में हमारे गणतंत्र दिवस पर घटी इस घटना ने हमारे लोकतंत्र को दागदार बना दिया, वैसे इस वर्ष के दौरान ‘लोकतंत्र’ को बदनाम कर दागदार बनाने वाली तीन घटनाऐं हुई

2001 Parliament attack: 20 साल पहले, भारत के लोकतंत्र के मंदिर के परिसर में आतंकियों ने की थी घुसपैठ

एके47 राइफल, ग्रेनेड लांचर, पिस्टल और हथगोले लेकर आतंकवादियों ने संसद परिसर के चारों ओर तैनात सुरक्षा घेरा तोड़ दिया

भारत कैसे बने सच्चा लोकतंत्र ?

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने विश्व लोकतंत्र सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन में दुनिया के लगभग 100 देशों ने भाग लिया लेकिन इसमें रुस, चीन, तुर्की, पाकिस्तान और म्यांमार जैसे कई देश गैर-हाजिर थे।

लोकतंत्र सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ पाकिस्तान

अमेरिका के न्योते के बावजूद पाकिस्तान लोकतंत्र सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ। चीन के दबाव में उसने इस सम्मेलन में शामिल होने से इनकार कर दिया।

लोकतंत्र की स्थिति पर बाइडेन ने जताई चिंता

अमेरिका में गुरुवार को दो दिन का लोकतंत्र सम्मेलन शुरू हुआ। पहले दिन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने दुनिया के लोकतांत्रिक देशों में लोकतंत्र की स्थिति में गिरावट पर चिंता जताई।

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