पिछली सरकारों ने जहां बंद किए थे विकास के रास्‍ते योगी ने वहां से की आगे बढ़ने की शुरुआत

डबल इंजन की सरकार से मिली विकास को दोगुनी रफ्तार, बढ़ी केंद्रीय सहायता राशि से सरकार ने बदली यूपी की तस्‍वीर

राज्यसभा के लिए कांग्रेस-भाजपा का सस्पेंस

राज्यसभा का एक मिनी चुनाव होने वाला है। चुनाव आयोग ने आखिरकार छह राज्यों की सात सीटों के लिए उपचुनाव का ऐलान कर दिया है।

आखिर क्या है चीन नीति?

ये तो साफ है कि अब चीन झुक कर अमेरिका के साथ संबंध बनाए रखने के मूड में नहीं है। तो क्या अब अमेरिका झुक कर चलेगा?

शी और बाइडन से सीखें मोदी

जब हमारे फौजी अफसर चीनियों से बात कर सकते हैं तो अपने मित्र शी चिन फिंग से, जिनसे मोदी दर्जन बार से भी ज्यादा मिल चुके हैं, सीधी बात क्यों नहीं करते ?

एक पहलवानः कई लकवाग्रस्त मरीज़

हमारे विपक्षी दल एकजुट होने के लिए क्या-क्या द्राविड़ प्राणायाम नहीं कर रहे हैं? अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 20 अगस्त को विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं की बैठक बुलाई है।

विपक्ष है हताश और यथास्थितिवादी

कई दिनों से अधिकांश विपक्षी दल पेगासस जासूसी मुद्दे को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ लामबंद है। प.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस संबंध में जहां एक जांच समिति का गठन कर दिया है, वही अन्य विरोधी दल- कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में संसद के मॉनसून सत्र को बाधित कर रहे है। इस प्रकार की सरकार विरोधी जुगलबंदी नई बात नहीं है

पूरे सत्र में हंगामा चलेगा

संसद के मॉनसून सत्र में हंगामा नहीं बंद होगा। सोमवार से शुरू हो रहे सत्र के आखिरी हफ्ते में भी हंगामा जारी रहेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि किसी पक्ष की रूचि नहीं है शांति बनाने में।

जासूसी, महंगाई मुद्दे पर नहीं चली संसद

संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे हफ्ते के दूसरे दिन मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों ने जम कर हंगामा किया और कार्यवाही नहीं चलने दी।

सिर्फ मोदी विरोध का एजेंडा नहीं चलेगा

विपक्ष की पॉलिटिक्स क्या है? यह लाख टके का सवाल है। चुनावी राजनीति के किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले यह जानना जरूरी है कि विपक्ष की राजनीति क्या है! क्या विपक्षी पार्टियां सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध के एजेंडे पर राजनीति करेंगी या देश के सामने अपने शासन का कोई वैकल्पिक प्रारूप भी पेश करेंगी?

कोविड की तीसरी लहर से निबटने की तैयारी: यह हुआ काम तो देश में चार लाख बैड ऑक्सीजन सुविधायुक्त होंगे

प्रधानमंत्री ने पूरे देश में ऑक्सीजन की आपूर्ति में तेजी लाने की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और कहा कि पूरे देश में 1500 से अधिक पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। पीएम केयर्स के योगदान वाले पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों से 4 लाख से अधिक ऑक्सीजन युक्त बिस्तर स्थापित करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इन संयंत्रों को जल्द से जल्द चालू किया जाए। PSA Oxygen PM CARES : नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश में ऑक्सीजन उत्पादन में बढ़ोतरी और उपलब्धता में हुई प्रगति की स्थिति की शुक्रवार को समीक्षा की। इस मौके पर मोदी ने कहा कि भारत में स्थापित किए जा रहे 15 सौ से अधिक पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों को जल्द चालू किया जाए। प्रधानमंत्री को अधिकारियों ने देश में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी। देश भर में 1500 से अधिक पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की जा रही हैं। इनमें पीएम केयर्स के योगदान से स्थापित संयंत्रों के साथ-साथ विभिन्न मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा स्थापित संयंत्र भी शामिल हैं। चार लाख ऑक्सीजन सुविधा वाले बैड स्थापित… Continue reading कोविड की तीसरी लहर से निबटने की तैयारी: यह हुआ काम तो देश में चार लाख बैड ऑक्सीजन सुविधायुक्त होंगे

विडंबना भी चकित होगी!

जी-7 सम्मेलन में नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अधिनायकवाद और अतिवाद से उत्पन्न खतरों से साझा मूल्यों की रक्षा के लिए जी-7 का स्वाभाविक सहयोगी है। अगले दिन पी चिदंबरम ने एक ट्विट में कहा कि प्रधानमंत्री ने अच्छा पाठ पढ़ाया है। लेकिन क्या जो सीख उन्होंने दी, उस पर खुद अमल करेंगे? अंग्रेजी में एक कहावट है कि आयरनी मस्ट हैव डायड यानी विडंबना जरूर मर गई होगी। ये कहावत तब कही जाती है, जब ऐसी विडंबना सामने आती है, जिस पर क्या कहा जाए, यो सोचना मुश्किल हो जाता है। ऐसा ही कुछ जी-7 देशों के शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र, वैचारिक स्वतंत्रता और आजादी के लिए भारत की सभ्यतागत प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। कहा कि भारत अधिनायकवाद और अतिवाद से उत्पन्न खतरों से साझा मूल्यों की रक्षा के लिए जी-7 का स्वाभाविक सहयोगी है। अगले दिन कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने एक ट्विट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जी-7 को अच्छा पाठ पढ़ाया। लेकिन अब मुद्दा यह है कि क्या जो सीख उन्होंने दी, उस पर खुद देश के अंदर अमल करेंगे? आखिर जी-7 देशों के नेता भी इससे अनजान नहीं हैं कि भारत… Continue reading विडंबना भी चकित होगी!

जी-7, चीन विरोध और भारत!

जी-7 याने सात राष्ट्रों के समूह का जो सम्मेलन अभी ब्रिटेन में हुआ, उसमें भारत, दक्षिण अफ्रीका, द. कोरिया और आस्ट्रेलिया को भी अतिथि के रुप में बुलाया गया था। द. कोरिया को इस समूह में न गिनें तो दस-राष्ट्रों के इस समूह ने अनेक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहमति प्रकट की। इस सम्मेलन के संयुक्त वक्तव्य और नेताओं के भाषणों में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया कि यह समूह दुनिया में लोकतंत्र का सबसे प्रबल पक्षधर है। यह भी पढ़ें: क्या कांग्रेस पाकिस्तानपरस्त? भारत को भी इसमें इसीलिए आमंत्रित किया गया कि वह सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस तथ्य पर गर्व प्रकट किया लेकिन असलियत क्या है ? यह ठीक है कि इन सभी देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। तानाशाही कहीं नहीं है। बहुपार्टी व्यवस्था है। वोट के दम पर सरकारें वहां उलटती-पलटती रहती हैं लेकिन ये राष्ट्र अपने आप को विश्व लोकतंत्र का ध्वजवाहक कहें, यह तर्क-संगत नहीं लगता। यह भी पढ़ें: पेट्रोल बना सिरदर्द पहली बात तो यह कि ये सात राष्ट्र कौन से हैं ? ये हैं— अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और जापान! इनमें से ज्यादातर राष्ट्रों ने एशिया, अफ्रीका और लातीनी अमेरिका में तानाशाहियों… Continue reading जी-7, चीन विरोध और भारत!

जी-7 में मोदी ने की वैक्सीन की बात

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया की सात बड़ी आर्थिक ताकतों के जी-7 सम्मेलन में वैक्सीन की बात की। उन्होंने दुनिया के देशों से वैक्सीन को पेटेंट से मुक्त करने को कहा और साथ ही दुनिया के हर देश में वैक्सीन पहुंचाने में मदद भी मांगी। प्रधानमंत्री ने रविवार को लगातार दूसरे दिन जी-7 शिखर सम्मेलन को वर्चुअल तरीके से संबोधित किया। पहले दिन उन्होंने वन अर्थ, वन हेल्थ के फॉर्मूले पर बात की थी। गौरतलब है कि लंदन में हो रहा जी-7 शिखर सम्मेलन रविवार को समाप्त हो गया। जी-7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पी हरीश ने बताया- प्रधानमंत्री मोदी ने जी-7 देशों के नेताओं से कोरोना वैक्सीन को पेटेंट फ्री करने की वकालत की साथ ही सभी देशों तक वैक्सीन पहुंचाने के लिए सहयोग मांगा। इसके साथ ही उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकार से जुड़े कारोबारी पहलुओं यानी ट्रिप्स में छूट के प्रस्ताव का समर्थन करने का आग्रह किया। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने इसका समर्थन किया। इसके पहले विश्व व्यापार संगठन, डब्लुटीओ और संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव भी इसका समर्थन कर चुके हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका ने डब्लुटीओ को इसका प्रस्ताव भी भेजा है।… Continue reading जी-7 में मोदी ने की वैक्सीन की बात

अपमान कर रहा है केंद्र: ममता

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के ऊपर अपमानित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार बदले की राजनीति कर रही है और उनको अपमानित कर रही है। ममता ने कहा कि यह गलत अफवाह फैलाई जा रही है कि वे प्रधानमंत्री की बैठक में जान बूझकर आधे घंटे की देरी से पहुंचीं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विकास के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छून के लिए भी तैयार हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव का तबादला करते राज्य से दिल्ली बुलाए जाने के मसले पर हुए उन्होंने कहा- राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को कोरोना के संकट के बीच लोगों के लिए काम करने की इजाजत मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उनकी सरकार के लिए हर कदम पर मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। ममता ने दोनों नेताओं को लक्ष्य करके कहा- आप बंगाल में भाजपा की हार पचा नहीं पा रहे हैं, तो आपने पहले दिन से ही हमारे लिए समस्याएं पैदा करना शुरू कर दिया है। इसमें चीफ सेक्रेटरी का क्या दोष है? कोरोना के दौरान उन्हें राज्य… Continue reading अपमान कर रहा है केंद्र: ममता

प्रधानमंत्री की बैठक, भड़कीं ममता

कोलकाता। कोरोना वायरस के प्रबंधन को लेकर गुरुवार को हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक को लेकर ममता बनर्जी ने बड़ी नाराजगी जताई है और बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वे वैक्सीन की आपूर्ति के बारे में बात करना चाहती थीं पर उनको बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सभी राज्यों के मुख्यमंत्री कठपुतली की तरह बैठक में बैठे रहे और सिर्फ प्रधानमंत्री ही बोले। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने गुरुवार को कोरोना महामारी पर नियंत्रण को लेकर 10 राज्यों के 54 जिले के कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक की। प्रधानमंत्री की इस वर्चुअल बैठक में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हुईं, लेकिन उनके राज्य का कोई कलेक्टर शामिल नहीं हुआ। इस बैठक के बाद ममता ने प्रेस कांफ्रेंस कर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बैठक में 10 राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे, लेकिन किसी को बोलने नहीं दिया गया। ये अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि मीटिंग में सभी मुख्यमंत्री कठपुतली की तरह बैठे रहे, किसी ने भी कुछ नहीं कहा। ममता बनर्जी ने कहा- हमें बंगाल के लिए तीन करोड़ वैक्सीन की मांग करनी थी, लेकिन बोलने ही नहीं दिया गया। केंद्र से हमें इस महीने 13 लाख ही वैक्सीन मिली… Continue reading प्रधानमंत्री की बैठक, भड़कीं ममता

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