राहुल गांधी और विपक्ष की राजनीति का विरोधाभास
प्रधानमंत्री बनने की पारंपरिक राजनीति से अलग रहकर राहुल गांधी ने अपने लिए एक ऐसी भूमिका खोजी है...
प्रधानमंत्री बनने की पारंपरिक राजनीति से अलग रहकर राहुल गांधी ने अपने लिए एक ऐसी भूमिका खोजी है...
यह मुद्दा सिर्फ मीडिया का नहीं है। अगर खोजी पत्रकारिता कमजोर हुई तो नागरिकों का जानने का अधिकार प्रभावित होगा। ल...
कांग्रेस पार्टी कभी भी इतने लंबे समय तक विपक्ष में नहीं रही है। इस बार विपक्ष में रहने का उसका दौर लंबा होता जा रहा है। ...
यह देश बहुत बड़ा और विविध शक्तियों, दुर्बलताओं वाला है। किसी के लिए भी अपने मं...
विधान परिषद के औचित्य और इनके चुनावों की प्रक्रिया को लेकर गंभीरता से सोचने की जरुरत है। अभी चार राज्यों की विधान परिषद ...
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से जुड़ी गड़बड़ियों की कथा समाप्त ही नहीं हो रही है। हर दिन एक नया अध्याय...
सरकार की क्षमता और उसके अधिकार की वैधता दो अलग बातें हैं। पहला सवाल है कि सरकार क्या कर सकती है...
बारह महीनों में कार्तिक को सबसे श्रेष्ठ और भगवान विष्णु का अत्यंत प्रिय महीना बताया गया है। इस तुलना से समझा जा ...
किसी को समझ में नहीं आ रहा है कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में आखिर क्या चाहती है? कांग्रेस पार्टी के नेता समाजवादी पार्टी स...
नागरिकों में स्रोत पर कचरा अलग करने की आदत अभी भी कमजोर है। जब घरेलू स्तर पर ही गीला और सूखा कचरा मिला रहता है त...
आंकड़ों का अंकगणित कुछ भी हो, बीजगणित खुल कर संकेत दे रहा है कि इन सभी प्रदेशों...
सवाल है कोई पार्टी यदि सत्ता में बैठकर भी विपक्ष की तरह लड़ती रहे और विपक्ष में पहुँचकर भी कोई पार्टी खुद को सत्ताधारी स...
अर्थशास्त्री थॉमस पिकेटी ने लिखा- ‘युवा केवल एक ही चीज़ मांग रहे हैः शिक्षा तक...
यह सिर्फ संयोग नहीं हो सकता कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत की अर्थव्यवस्था को ‘
कभी तिलिस्मी क़िस्सों के लिए जानी जाने वाली दास्तानगोई की कला जब दोबारा ज़िंदा हुई तो उसमें फिल्मी हस्तियों,