दरक रही हैं ईंटें
न्यायपालिका की मंशा पर अब खुलेआम प्रश्न खड़े किए जाने लगे हैं। न्यायपालिका वह अंतिम संस्था है, जो संवैधानिक में लोगों के भरोसे को कायम रखती है। मगर अब यह मान्यता भी टूट रही है। इस गिरावट को तुरंत रोकना अनिवार्य है। भारत में संवैधानिक व्यवस्था की बुनियाद पर एक के बाद एक चोट लग रही है। विपक्षी दल ये कहने में अब तनिक नहीं हिचकते कि चुनाव चुरा लिए गए हैं। मसलन, हाल में अपनी जर्मनी यात्रा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बेलाग कहा कि पिछले हरियाणा विधानसभा में असल में कांग्रेस जीती थी,...