घाटी में हिंदू रहें तो कैसे?

सवाल है घाटी से निकाले जाने की मांग करने वाले कश्मीरी हिंदुओं और पंडितों की दुर्दशा का समाधान क्या है?

हिंदू-मुस्लिम नैरेटिव चलता रहेगा!

कायदे से अब हिंदू-मुस्लिम का सार्वजनिक विमर्श बंद हो जाना चाहिए। मुसलमानों के खिलाफ होने वाली जुबानी और शारीरिक हिंसा थम जानी चाहिए।

ईश्वर और अल्लाह को क्यों लड़वाएं?

मनुष्य ही ईश्वरों और अल्लाहों को लड़ा देते हैं। क्या इसीलिए एक-दूसरों के धर्मों और महापुरुषों की निंदा की जाती है?

कश्मीर में और हिंदू लक्षित हत्या

आतंकवादियों ने हिंदू बैंक मैनेजर की हत्या की। एक महीने में सातवीं हत्या। केएफएफ ने हत्या की जिम्मेदारी ली।

जम्मू कश्मीर में हिंदू कर्मचारियों का तबादला होगा

जम्मू कश्मीर में हिंदू कर्मचारियों की लगातार हो रही लक्षित हत्या के बाद अब सरकार ने सभी हिंदू कर्मचारियों को दूर-दराज के इलाकों से हटा कर जिला मुख्यालय भेजने का फैसला किया गया है।

मंदिर-मस्जिद विवाद: इस ‘धर्मयुद्ध’ का मूल मकसद क्या….?

आज देश में एक अजीब तरह का माहौल है, धर्म और सियासत एक-दूसरे में इतने समाहित हो गए है कि उनमें यह भेद करना मुश्किल है कि कौन किसके साथ हैI

विवेकशील मुसलमान आगे आएं

ज्ञानवापी सर्वे के बाद देश भर में सरगर्मी विचारणीय है। उस में सामने आई बात पहले ही जगजाहिर थी। इस्लामी आक्रमणकारियों के क्रिया-कलाप के तथ्यों पर कभी विशेष विवाद नहीं रहा।

पंजाब में भाजपा का हिंदू चेहरा बनेंगे जाखड!

भाजपा में शामिल हुए जाखड की मार्फ़त भाजपा पंजाब में जहां हिंदू वोट साधना चाहती है वहीं वह पंजाब के जाट वोटों पर जाखड के जरिए असर बनाए रखना चाहती है।

घाटी में यदि आंतकी हिंदू को मारे तो…

इस दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटनाक्रम पर एक जीवंत समाज की क्या प्रतिक्रिया होनी चाहिए थी- पहले से अधिक इच्छाशक्ति के साथ इस्लामी आतंकवाद का मुकाबला करने का संकल्प या फिर पलायन की भाषा बोलना?

भारत का ऑटो मोड सफर!

हिंदुओं का इतिहास है कि वे कभी लंबी-सुरक्षित-अच्छे सफर की नियति लिए हुए नहीं रहे। बार-बार खंड-विखंड और पानीपत की लड़ाइयों से कुचले जाते रहे।

भूल सुधार की स्वचालित राजनीति

भारत की राजनीति ऐतिहासिक भूल सुधार के दौर में पहुंच गई है। मध्यकाली इतिहास देश का वर्तमान है और वर्तमान की सुध किसी को नहीं है।

मध्यप्रदेश में हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी पर होगी जेल

डॉ मिश्रा ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य में हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टीका-टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आध्यात्म के बल पर बने हिंदू राष्ट्र

राष्ट्र-राज्य- धर्मांध मौलवी हो या हिंदू धर्म गुरु दोनो ही शेष समाज के लिए घातक हैं जो लगातार समाज में विष घोलते हैं।

व्यक्ति, समाज और जगत का एक सिद्धान्त

ब्रह्माण्ड को ब्रह्म का शरीर माना गया है। ब्रह्माण्ड के भी सब पदार्थ, शरीर की भान्ति प्रति क्षण क्षरित हो रहे हैं। जगत्यां जगत अर्थात गत्तिशील जगत शरीर है।

बस ‘बर्तन उबलते’ रखना

कैसी विडंबना! पूरी दुनिया में भाजपा को ‘उग्र हिन्दूवादी’ कहा जाता है, जब कि वस्तुतः यह वैचारिक रूप से निरंतर निर्बल और सारहीन होती गई।

और लोड करें