भारत में हिंदू अल्पसंख्यक हैं?

सर्वोच्च न्यायालय में आजकल एक अजीब-से मामले पर बहस चल रही है। मामला यह है कि क्या भारत के कुछ राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक माना जाए या नहीं?

‘गलाकाट’ प्रचलन: साम्प्रदायिक व धार्मिक उन्माद के पीछे कौन…?

भारत में पिछले कुछ महिनों से हर कहीं से धार्मिक व साम्प्रदायिक उन्माद की खबरें आ रही है और यह उन्माद ‘गलाकाट’ की सीमा तक पहुंच गया है

मतभेद रखें लेकिन मनभेद नहीं

आजकल हमारे टीवी चैनलों और कुछ नेताओं को पता नहीं क्या हो गया है? वे ऐसे विषयों को तूल देने लगे हैं, जो देश की उन्नति और समृद्धि में कोई योगदान नहीं कर सकते।

अफ़साना चश्मे-बद्दूर अभिलाषाओं का

लीपापोती कोई कुछ भी करे, असलियत यही है कि समूचा समाज दो-फाड़ हो गया है। हर तरफ़ तलवारें तनी हुई हैं।

वैकल्पिक व्यवस्था कहां है?

भारतीय जनता पार्टी लंबे समय तक यथास्थितिवादी पार्टी मानी थी लेकिन अब वह वैचारिक स्तर पर अपने यथास्थितिवाद के बावजूद एक डिसरप्टिव फोर्स के तौर पर उभर रही है।

ठूंठ नस्ल, गंवार राजनीति

भला क्या तो राजनीति, कैसा शासन और क्या सभ्यता! हिंदू से यदि पूछें राजनीति क्या है तो तुलसीदासजी की चौपाईयां सुनने को मिलेंगी?

फ्रिंज और भय ही है मुख्यधारा

हर पक्ष एक-दूसरे को तौलते हुए है और भय चुपचाप गुस्से व बदले की भावना तथा फायदे की सोच में कन्वर्ट होता हुआ। 

जरूरत संयम की है

पैगंबर मोहम्मद पर भारतीय जनता पार्टी के दो पूर्व प्रवक्ताओं की टिप्पणियों का मामला जिस तरह सुलग उठा है, वह इस देश के लिए एक खतरनाक संकेत है।

हर कोई आग फैलाने में लगा

जिस दिन से भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा के बयान पर विवाद खड़ा हुआ है उस दिन से देश में भारी बवाल है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

कितना बदल गया इंसान

लोगों को समझा दिया गया है कि गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार आदि कोई समस्या नहीं है। असली समस्या धर्म की है।

घाटी में हिंदू रहें तो कैसे?

सवाल है घाटी से निकाले जाने की मांग करने वाले कश्मीरी हिंदुओं और पंडितों की दुर्दशा का समाधान क्या है?

हिंदू-मुस्लिम नैरेटिव चलता रहेगा!

कायदे से अब हिंदू-मुस्लिम का सार्वजनिक विमर्श बंद हो जाना चाहिए। मुसलमानों के खिलाफ होने वाली जुबानी और शारीरिक हिंसा थम जानी चाहिए।

ईश्वर और अल्लाह को क्यों लड़वाएं?

मनुष्य ही ईश्वरों और अल्लाहों को लड़ा देते हैं। क्या इसीलिए एक-दूसरों के धर्मों और महापुरुषों की निंदा की जाती है?

कश्मीर में और हिंदू लक्षित हत्या

आतंकवादियों ने हिंदू बैंक मैनेजर की हत्या की। एक महीने में सातवीं हत्या। केएफएफ ने हत्या की जिम्मेदारी ली।

जम्मू कश्मीर में हिंदू कर्मचारियों का तबादला होगा

जम्मू कश्मीर में हिंदू कर्मचारियों की लगातार हो रही लक्षित हत्या के बाद अब सरकार ने सभी हिंदू कर्मचारियों को दूर-दराज के इलाकों से हटा कर जिला मुख्यालय भेजने का फैसला किया गया है।

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