सामाजिक संकट कहां जाकर रूकेगा

देश में क्या हो रहा है और आगे क्या होगा, इस राष्ट्रीय प्रश्न का ही एक हिस्सा यह है कि सामाजिक विभाजन की जो स्थितियां बन रही हैं और देश में हर मसले पर जिस तरह से पानीपत की लड़ाई का मैदान सज रहा है

Sabyasachi का एड हटने के बाद BJP Minister ने वीडियो जारी कर कहा- अगली बार ऐसी गलती हुई तो …

सब्यसाची मुखर्जी ने अपने मंगसूत्र का विज्ञापन हटा लिया है. बता दें इसके पहले नरोत्तम मिश्रा ने अपनी ओर से 24 घंटे का समय दिया था…

हिंदू मतदाताओं के लिए पोजिशनिंग

देश भर में भारतीय जनता पार्टी की मजबूती ने राजनीति में एक बड़ा बदलाव यह किया है कि अखिल भारतीय राजनीति करने वाली सभी पार्टियां बहुसंख्यक हिंदुओं के हिसाब से अपनी पोजिशनिंग कर रही हैं।

Indonesia : पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो की बेटी इस्लाम छोड़कर बनेंगी हिंदू, 2018 में हुई थी ईशनिंदा की शिकायत…

इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो की बेटी हिंदू धर्म अपनाने वाली हैं. सुकर्णो ने इस संबंध में ऐलान कर…

Uttar Pradesh : हिंदू समाज की महिलाओं के खिलाफ सपा नेता ने की अभद्र टिप्पणी, गिऱफ्तारी के बाद BJP बोली- ना भूलें UP में य़ोगी राज है…

अदनान खान ने सोशल मीडिया में पोस्ट डाला था जिसके जरिए हिंदू समाज की महिलाओं के खिलाफ अदनान ने अभद्र…

गंगा-जमुनी तहजीब क्या कल्पना मात्र?

यह सही है कि ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ शब्द समूह का उपयोग सबसे पहले 19वीं सदी में भारतीय इतिहास में विभिन्न समुदायों के अंतरसंबंधों और देश में सांझा संस्कृति के उदय के लिए किया गया था।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले जारी

तीन दिन की हिंसा में छह हिंदू मारे गए और कई लोग घायल हुए। कई मंदिरों में तोड़-फोड़ होने की खबर।

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने वीर सावरकर की पुस्तक का विमोचन के दौरान कहा- सैयद अहमद को असंतोष का जनक माानने वाले…

लगता है कि आने वाले समय में लोग स्वामी विवेकानंद दयानंद सरस्वती और स्वामी अरविंद को भी नहीं छोड़ेंगे….

मज़हब बड़ा या मोहब्बत ?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया श्री मोहन भागवत ने यह बिल्कुल ठीक कहा है कि शादी की खातिर धर्म-परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए।

जब हिंदू जागेंगे, तो दुनिया जागेगी – संघ प्रमुख मोहन भागवत

हमें अपने लिए अपने धर्म और पूजा की परंपरा के प्रति सम्मान की भावना पैदा करने की जरूरत है।

‘जाने, जो साधू भूखा संपत्ति का, वो साधु नाहीं।।’

जो वास्तव में संत हैं उन्हें अपने नाम के आगे विशेषण लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। क्या मीराबाई, रैदास, तुलसीदास, नानक देव, कबीरदास जैसे नाम से ही उनके संतत्व का परिचय नहीं मिलता ?

सनातनी हिंदू का कनाडा अनुभव

कनाडा में हिंदुओं का वह रूतबा नहीं रहा जो 2014 से पहले था। क्यों? पहली बात जैसे भारत में हुआ वैसा ही कनाडा में हुआ।

मुसलमान भी हिंदू ही हैं ?

हिंदू शब्द इतना व्यापक और उदार है कि इसमें दुनिया का कोई भी धर्म, कोई भी जाति, कोई भी कबीला समा सकता है। जो भी भारतीय है, वह हिंदू है।

संघ परिवार: योद्धा, डाकू या पॉकेटमार?

पॉकटमार मानसिकता…..भीतर से कुछ, बाहर कुछ और। विश्वासपूर्वक कुछ भी उचित कर सकने का मनोबल नहीं। उस की चाह है कि किसी तरह कुछ हाथ आ जाए और बलवान विरोधियों का सामना न करना पड़े।

घाटी है सवालों की बेताल पचीसी!

विचार जरूरी है कि 75 सालों में ताकत के बावजूद घाटी को भारत अनुकूल बनाने के लिए वहां मुस्लिम मनोदशा क्यों नहीं बदल पाए?

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